कभी काम की तलाश में दर-दर भटकते थे ‘कालीन भैया’ पंकज त्रिपाठी, अब मिन्नतें करते हैं प्रेड्यूसर-डायरेक्टर

ऐक्टर पंकज त्रिपाठी अब किसी की भी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वह फिल्मों में कुछ इतने बेहतरीन किरदार निभाते हैं कि सभी लोग उन्हें जानते हैं। हाल में पंकज त्रिपाठी के मुख्य किरदार वाली वेब सीरीज ‘मिर्जापुर‘का सेकंड सीजन रिलीज़ हुआ है जिसके माध्यम से लोग उन्हें आज भी’भिलाई भैया‘के नाम से पहचानते हैं। हालांकि एक दौर था जब पंकज त्रिपाठी के पास काम नहीं हुआ था और वह काम मांगने के लिए दर-दर की ठोकरें खा चुके थे।

‘मैं एक ऐक्टर हूं, मुझे काम दो दो’
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए पंकज ने कहा, ‘पिछले कुछ सालों में मेरा करियर बदल गया है। पहले मुझे काम की तलाश में जाना पड़ता था लेकिन अब काम खुद मुझे ढूंढता हुआ मेरे पास आता है। एक समय था जब मैं ऑडिशन के लिए दर-दर की ठोकरें खाता था, ऑफिसों के बाहर बैठा रह गया था और कहता था- मैं एक ऐक्टर हूं, मुझे काम दो। ‘ अब लोग मेरे पास ही काम करने आ रहे हैं।

अब तो अगले साल की मिल जाती हैं स्क्रिप्ट
पंकज त्रिपाठी के पास अब काम की कोई कमी नहीं है। प्रड्यूसर-डायरेक्टर उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट करने के लिए कितने उत्साहित हैं इसके अंजाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि साल-डेढ़ साल बाद शुरू होने वाली फिल्मों की स्क्रिप्ट भी उन्हें पहले ही पहुंच गई। पुराने समय को याद करते हुए पंकज ने कहा, ‘पहले का समय बहुत कठिन था। मुझे पता था कि फिल्म की शूटिंग कहां हो रही है। मैं वहां जाता था और मुझे बताया जाता था कि फिल्म की यूनिट शूटिंग से पहले ही जा चुकी है। ‘

ऐक्टिंग को जुनून मानते हैं पंकज
पंकज त्रिपाठी का कहना है कि ऐक्टिंग उनके लिए जुनून है और इसीलिए वह बहुत स्ट्रगल कर पाया। उन्होंने कहा, ‘ऐक्टिंग मेरे लिए प्योर पैशन का जॉब है। आप यह नहीं कह सकते हैं कि अरे इसमें तो कुछ भी है। मैं पहले भी इसे जुनून के साथ करता था। उस समय मेरे लिए एक्साइटमेंट मनी के लिए होता था क्योंकि तब यहां सर्वाइव करना था। पहले जीना जरूरी है उसके बाद कला आती है। अगर आप एक बार सर्वाइव कर जाते हैं तो आपके अंदर अपनी कला के लिए एक्साइटमेंट आता है। अगर आपके भीतर से उत्साह नहीं आ रहा है तो आप ऐक्टिंग नहीं कर सकते। ‘

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